11. वर्ष 1992 में यह रज्जुमार्ग जीएमवीएन ने चालू किया जो बहुत सफल हुआ। 12. वर्ष 1992 में यह रज्जुमार्ग जीएमवीएन ने चालू किया जो बहुत सफल हुआ। 13. रज्जुमार्ग दो प्रकार के होते हैं: एकल रज्जु (मोनो केबुल) तथा द्विरज्जु (बाइकेबुल)।14. रज्जुमार्ग के दोनों छोरों पर घूमती हुई घिरनियाँ रहती हैं, जिनपर रज्जु चढ़ी रहती है।15. रज्जुमार्ग व स्कीइंग प्रशिक्षण का शिलान्यास 20 जुलाई 1983 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.16. रज्जुमार्ग व स्कीइंग प्रशिक्षण का शिलान्यास 20 जुलाई 1983 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री स् व.17. जोशीमठ से गोरसों तक भारत के सबसे बड़े रोपवे यानी रज्जुमार्ग भी यहां की खास विशेषता हैं। 18. जोशीमठ से गोरसों तक भारत के सबसे बड़े रोपवे यानी रज्जुमार्ग भी यहां की खास विशेषता हैं। 19. सरकार मंदार पर्वत ; भागलपुरद्ध और मुंडकेश्वरी भवानी मंदिर ; कैमूरद्ध में रज्जुमार्ग बनाने को राजी हुई है. 20. आजकल नैनीताल के आकर्षण में रज्जुमार्ग (रोपवे) की सवारी भी विशेष आकर्षण का केन्द्र बन गयी है।