41. अद्वैतवादी दर्शन में गुरु, शिष्य और शिव में कोई भेद नहीं रहता।42. अद्वैतवादी भाष् यकार आचार्य पंचदशीकार प्रभृति पहले दलमुक् त नहीं होने पाए।43. समाजसुधार और अद्वैतवादी समन्वय के प्रणेता राजा राममोहन राय रजनीश के झा ( 44. माध्यमिक दर्शन अद्वयवाद्वी और शांकर वेदांत तथा विज्ञानवाद अद्वैतवादी दर्शन माने जाते हैं। 45. इस प्रकार यह शुद्ध अद्वैतवादी पुष्टि मार्ग से भी अलग हो जाते हैं। 46. कुछ आत्मवादी, उदाहरणतः अद्वैतवादी आत्मा को ईश्वर का ही अंश बताते हैं। 47. संसार को मिथ्या माननेवाला अद्वैतवादी भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। 48. संसार को मिथ्या माननेवाला अद्वैतवादी भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। 49. शांकर वेदांत या ब्रह्मवाद भी अद्वैतवादी है, किंतु ब्रह्मवाद और ईश्वराद्वयवाद में पर्याप्त अंतर है। 50. अब इस द्वैत को लेकर दोनों प्रकार के अद्वैतवादी का क्या रूप होगा यह देखना